Republic Day 2020: गणतंत्र दिवस पर तिरंगा फहराने से पहले जानिए ये बातें, नहीं तो होगी जेल



Republic Day 2020: देश 26 जनवरी 2020 (26 january) को अपना 71वां गणतंत्र दिवस (Republic Day) मनाने जा रहा है. यह दिन देश भर में बहुत उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाता है. 26 जनवरी के दिन सभी देशवासी राष्‍ट्रीय ध्‍वज यानी तिरंगे झंडे को सलाम करते हैं और जगह-जगह तिरंगा फहराया जाता है. तिरंगा हमारे देश के राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है. तिरंगे पर हर भारतीय को गर्व है. अगर आप 26 जनवरी को तिरंगा फहराने जा रहे हैं तो कुछ बातों को जानना जरूरी है. क्‍योंकि सभी के मार्गदर्शन और हित के लिए भारतीय ध्वज संहिता-2002 में सभी नियमों, रिवाजों, औपचारिकताओं और निर्देशों को एक साथ लाने का प्रयास किया गया है. ध्वज संहिता-भारत के स्थान पर भारतीय ध्वज संहिता-2002 को 26 जनवरी 2002 से लागू किया गया है.

Republic Day 2020: जानिए 26 जनवरी और 15 अगस्त को झंडा फहराने में क्या है अंतर?

जानिए क्या है तिरंगा फहराने का सही तरीका

  • तिरंगे को सदा स्फूर्ति से फहराया जाए और धीरे-धीरे आदर के साथ उतारा जाए. फहराते और उतारते समय बिगुल बजाया जाता है तो इस बात का ध्यान रखा जाए कि तिरंगे को बिगुल की आवाज के साथ ही फहराया और उतारा जाए. तिरंगे का प्रदर्शन सभा मंच पर किया जाता है तो उसे इस प्रकार फहराया जाएगा कि जब वक्ता का मुंह श्रोताओं की ओर हो तो तिरंगा उनके दाहिने ओर हो.
  • जब भी तिरंगा फहराया जाए तो उसे सम्मानपूर्ण स्थान दिया जाए. उसे ऐसी जगह लगाया जाए, जहां से वह स्पष्ट रूप से दिखाई दे. सरकारी भवन पर तिरंगा रविवार और अन्य छुट्‍टियों के दिनों में भी सूर्योदय से सूर्यास्त तक फहराया जाता है, विशेष अवसरों पर इसे रात को भी फहराया जा सकता है.
  • जब तिरंगा किसी भवन की खिड़की, बालकनी या अगले हिस्से से आड़ा या तिरछा फहराया जाए तो भी तिरंगे को बिगुल की आवाज के साथ ही फहराया और उतारा जाए. फटा या मैला तिरंगा नहीं फहराया जाता है. जब तिरंगा फट जाए या मैला हो जाए तो उसे एकांत में पूरा नष्ट किया जाए.
  • तिरंगा किसी अधिकारी की गाड़ी पर लगाया जाए तो उसे सामने की ओर बीचोंबीच या कार के दाईं ओर लगाया जाए. तिरंगा केवल राष्ट्रीय शोक के अवसर पर ही आधा झुका रहता है.
  • किसी दूसरे झंडे या पताका को राष्ट्रीय तिरंगे से ऊंचा या ऊपर नहीं लगाया जाएगा, न ही बराबर में रखा जाएगा. तिरंगे पर कुछ भी लिखा या छपा नहीं होना चाहिए.
  • फ्लैग कॉड ऑफ़ इंडिया के अनुसार प्लास्टिक का झंडा फहराने की मनाही है. झंडा सिर्फ कॉटन, सिल्क या खादी का होना चाहिए. फहराया जाने वाला झंडा क्षतिग्रस्त ना हो. इतना ही नहीं झंडे का आकार रेकटगल और अनुपात 3:2 होना चाहिए.
  • इसके अलावा झंडे का इस्तेमाल यूनिफार्म पर सजावट के सामान के लिए किया जाना भी गलत है.
  • भारतीय ध्वज सहिंता के अनुसार झंडा जमीन से छूना नहीं चाहिए.
  • ऐसे ध्वज को फहराया जाना भी इस क़ानून के अनुसार अपराध है जिसका रंग उड़ चुका हो.
  • ध्‍वज फहराने के नियम का उल्‍लंघन करने पर जेल भेजे जाने का प्रावधान है. जिसे जुर्माने सहित 3 साल तक के लिए बढ़ाया भी जा सकता है.

2020 Republic Day Parade Ticket: 71वांं गणतंत्र दिवस देखने के लिए कहां से खरीद सकते हैं टिकट, जानें



Source link

Sensex rises by 227 pts, Nifty back at 12,200



After opening on a weak note, the 30-share BSE index settled 226.79 points, or 0.55 per cent, higher at 41,613.19 — hitting an intra-day high of 41,697.03 and a low of 41,275.60. Likewise, the broader NSE Nifty closed 67.90 points, or 0.56 per cent, up at 12,248.25.



Source link

Republic Day 2020: तिरंगे में क्या है रंगों की अहमियत? जानिए वो बातें जिनसे आप होंगे अंजान



Happy Republic Day 2020: 26 जनवरी 2020 (26 January 2020) को देश इस बार अपना 71वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है. देशभर में 26 जनवरी की धूम मची हुई है. जगह-जगह झांकियां निकालने और तिरंगा फहराने को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं. हमारे देश की आन-बान और शान का प्रतीका तिरंगा झंडा देखकर हर कोई सलाम करता है. तिरंगे झंडे में शामिल तीन रंग हमें महत्वपूर्ण संदेश देते हैं. ऐसे में आइए जानते हैं तिरंगे के बारे में वो बातें जिनसे आप अंजान होंगे.

Republic Day 2020: गणतंत्र दिवस पर तिरंगा फहराने से पहले जानिए ये बातें, नहीं तो होगी जेल

तिरंगा झंडा (Tricolour)
किसी भी स्‍वतंत्र राष्‍ट्र का अपना एक ध्‍वज होता है. ध्वज एक स्‍वतंत्र देश होने का संकेत है. भारतीय राष्‍ट्रीय ध्‍वज में तीन रंग की क्षैतिज पट्टियां हैं, सबसे ऊपर केसरिया, बीच में सफेद ओर नीचे गहरे हरे रंग की प‍ट्टी और ये तीनों समानुपात में हैं. ध्‍वज की चौड़ाई का अनुपात इसकी लंबाई के साथ 2 और 3 का है. सफेद पट्टी के मध्‍य में गहरे नीले रंग का एक चक्र है. यह चक्र अशोक की राजधानी के सारनाथ के शेर के स्‍तंभ पर बना हुआ है. इसका व्‍यास लगभग सफेद पट्टी की चौड़ाई के बराबर होता है और इसमें 24 तीलियां है.

Republic Day 2020: जानिए 26 जनवरी और 15 अगस्त को झंडा फहराने में क्या है अंतर?

ध्‍वज के रंग (Flag colors)
भारत के राष्‍ट्रीय ध्‍वज की ऊपरी पट्टी में केसरिया रंग है जो देश की शक्ति और साहस को दर्शाता है. बीच में स्थित सफेद पट्टी धर्म चक्र के साथ शांति और सत्‍य का प्रतीक है. निचली हरी पट्टी उर्वरता, वृद्धि और भूमि की पवित्रता को दर्शाती है.

चक्र
इस धर्म चक्र को विधि का चक्र कहते हैं जो तीसरी शताब्‍दी ईसा पूर्व मौर्य सम्राट अशोक द्वारा बनाए गए सारनाथ मंदिर से लिया गया है. इस चक्र को प्रदर्शित करने का आशय यह है कि जीवन गति‍शील है और रुकने का अर्थ मृत्‍यु है.

2020 Republic Day Parade Ticket: 71वांं गणतंत्र दिवस देखने के लिए कहां से खरीद सकते हैं टिकट, जानें

ध्‍वज संहिता
26 जनवरी 2002 को भारतीय ध्‍वज संहिता में संशोधन किया गया और स्‍वतंत्रता के कई वर्ष बाद भारत के नागरिकों को अपने घरों, कार्यालयों और फैक्‍ट‍री में न केवल राष्‍ट्रीय दिवसों पर, बल्कि किसी भी दिन बिना किसी रुकावट के फहराने की अनुमति मिल गई. अब भारतीय नागरिक राष्‍ट्रीय झंडे को शान से कहीं भी और किसी भी समय फहरा सकते है. बशर्ते कि वे ध्‍वज की संहिता का कठोरता पूर्वक पालन करें और तिरंगे की शान में कोई कमी न आने दें.

Republic Day 2020: 26 जनवरी को क्‍यों मनाया जाता है गणतंत्र दिवस, जानें इस दिन से जुड़ी अहम बातें

राष्‍ट्रीय ध्‍वज के रूप में कब अपनाया
बता दें कि भारतीय राष्‍ट्रीय ध्‍वज की अभिकल्‍पना पिंगली वैंकैयानन्‍द ने की थी और इसे इसके वर्तमान स्‍वरूप में देश की आजादी के कुछ दिन पहले 22 जुलाई 1947 को आयोजित की गई भारतीय संविधान सभा की बैठक के दौरान अपनाया गया था. इसे 15 अगस्‍त 1947 और 26 जनवरी 1950 के बीच भारत के राष्‍ट्रीय ध्‍वज के रूप में अपनाया गया और इसके पश्‍चात भारतीय गणतंत्र ने इसे अपनाया.



Source link

JKBOSE 10th Result 2019: Scores Declared on Official Website at jkbose.ac.in



JKBOSE 10th Result 2019: The Jammu and Kashmir Board of Secondary Education on Friday declared the JKBOSE 10th Result 2019 for the annual exam held in October – November. Candidates who appeared for the exam can check their Class 10th annual winter zone 2019, Jammu Division result by visiting the official website – jkbose.ac.in.

The JKBOSE has already released the scores for 10th Result 2019 for Kashmir Division as well as Class 12th result for both Jammu and Kashmir division.

Here’s how to check your JKBOSE 10th Result 2019:

Step 1: Visit the official site of JKBOSE at jkbose.ac.in

Step 2: On the homepage, click on the link for JKBOSE 10th Result

Step 3: Enter the required credentials like roll number the date of birth. Click on ‘View Results’.

Step 4: Your result will be displayed on your screen. Download the same and take a printout for future reference.



Source link

Republic Day 2020: जानिए 26 जनवरी और 15 अगस्त को झंडा फहराने में क्या है अंतर?



Republic Day 2020 पर पूरा देश गणतंत्र दिवस का उत्‍सव मनाता है. इस साल देश 71वां गणतंत्र दिवस मना रहा है.

गणतंत्र दिवस पर भी स्‍वतंत्रता दिवस की तरह झंडा फहराया जाता है. पर क्‍या आप जानते हैं कि इन दोनों नेशनल फेस्टिवल्‍स की सेलिब्रेशन में क्‍या फर्क है.

झंडा फहराने में फर्क

15 अगस्त 1947 के दिन हमारे देश को आजादी मिली थी. तब ब्रिटिश झंडे को नीचे उतारकर, भारतीय ध्वज को ऊपर चढ़ाया गया था, फहराया गया था. झंडे को नीचे से ऊपर ले जाया गया था. इस प्रक्रिया को ध्वजारोहण कहा जाता है. इसलिए 15 अगस्त को जो ध्वजारोहण किया जाता है, वो इसी तरीके से होता है. जबकि 26 जनवरी को हमारा संविधान लागू हुआ था. इसलिए इस दिन पहले से ऊपर बंधे हुए झंडे को केवल फहराया (Flag Unfurling) जाता है.

2020 Republic Day Parade Ticket: 71वांं गणतंत्र दिवस देखने के लिए कहां से खरीद सकते हैं टिकट, जानें

कौन करता है ध्‍वजारोहण

15 अगस्त के दिन प्रधानमंत्री ध्वजारोहण करते हैं. वहीं 26 जनवरी को राष्ट्रपति झंडा फहराते हैं. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि प्रधानमंत्री देश के राजनीतिक प्रमुख होते हैं, जबकि राष्ट्रपति संवैधानिक प्रमुख होते हैं.

कहां फहराया जाता है

हर साल स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन लाल किले पर किया जाता है. वहीं 26 जनवरी 1950 को आजाद भारत का संविधान लागू होने पर पहले गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन राजपथ पर किया गया था.

Republic Day 2020: 26 जनवरी को क्‍यों मनाया जाता है गणतंत्र दिवस, जानें इस दिन से जुड़ी अहम बातें

कौन करता है संबोधन

15 अगस्त पर प्रधानमंत्री लाल किले से देश को संबोधित करते हैं. इसकी पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति राष्ट्र को संबोधित करते हैं. गणतंत्र दिवस के मौके पर किसी का संबोधन नहीं होता.

लाइफस्‍टाइल की और खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. 



Source link

The little-known co that's buying up distressed telcos



UV Asset Reconstruction Company Ltd has made the highest bid of Rs 16,000 crore to buy Anil Ambani group’s Reliance Communications and Reliance Telecom, which are in the National Company Law Tribunal (NCLT). Last year it was the highest bidder for taking over Aircel’s assets for an upfront payment of Rs 150 crore. Surajeet Das Gupta and Dev Chatterjee dig deeper to find out more about this little known company.



Source link

Republic Day 2020: राजपथ पर नहीं यहां निकली थी पहली गणतंत्र दिवस परेड, ऐसा था नजारा


Republic Day 2020 पर हर साल राजपथ पर परेड निकलती है. इसमें शामिल होने पूरे देश से लोग पहुंचते हैं.

पर क्‍या आप जानते हैं कि देश की पहली गणतंत्र दिवस परेड कैसी थी. उस समय क्‍या नजारा था.

सबसे पहले तो ये जान लीजिए कि पहली गणतंत्र दिवस परेड राजपथ पर नहीं निकली थी. 26 जनवरी 1950 को पहली गणतंत्र दिवस परेड राजपथ में नहीं बल्कि इर्विन स्टेडियम में हुई थी.

Republic Day 2020: जानिए 26 जनवरी और 15 अगस्त को झंडा फहराने में क्या है अंतर?

 

 

Republic Day 2020: 26 जनवरी को क्‍यों मनाया जाता है गणतंत्र दिवस, जानें इस दिन से जुड़ी अहम बातें

 

1954 तक दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड इर्विन स्टेडियम में ही होती रही. इसके बाद किंग्सवे कैंप, लाल किला और फिर रामलीला मैदान में भी आयोजित होती थी. उसके बाद 1955 में पहली बार राजपथ पर परेड का आयोजन हुआ और फिर यह सिलसिला आज तक बदस्तूर जारी है.

गणतंत्र दिवस

गणतंत्र दिवस, 26 जनवरी को मनाया जाता है. 1950 में 26 जनवरी के दिन ही भारत सरकार अधिनियम (एक्ट) (1935) को हटाकर भारत का संविधान लागू किया गया था. 26 जनवरी 1950 को सुबह 10.18 बजे भारत एक गणतंत्र बना. इसके छह मिनट बाद 10.24 बजे राजेंद्र प्रसाद ने भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी.

इस दिन पहली बार बतौर राष्ट्रपति डॉक्‍टर राजेंद्र प्रसाद बग्गी पर बैठकर राष्ट्रपति भवन से निकले थे. इस दिन पहली बार उन्होंने भारतीय सैन्य बल की सलामी ली थी. पहली बार उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया था.

एक स्वतंत्र गणराज्य बनने के लिए संविधान को 26 नवंबर 1949 को भारतीय संविधान सभा द्वारा अपनाया गया. डॉ. भीमराव आंबेडकर, जवाहरलाल नेहरू, डॉ राजेन्द्र प्रसाद, सरदार वल्लभ भाई पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद आदि इस सभा के प्रमुख सदस्य थे.

लाइफस्‍टाइल की और खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. 



Source link

How Stress Makes Your Hair go Grey



Those annoying grey hair that tends to crop up with age really are signs of stress, according to a new study. The research, published in the journal Nature, found that stress activates nerves that are part of the fight-or-flight response, which in turn cause permanent damage to pigment-regenerating stem cells in hair follicles. “We wanted to understand if this connection is true, and if so, how stress leads to changes in diverse tissues. Hair pigmentation is such an accessible and tractable system to start with — and besides, we were genuinely curious to see if stress indeed leads to hair greying,” said study senior author Ya-Chieh Hsu from Harvard University in the US.

Because stress affects the whole body, researchers first had to narrow down which body system was responsible for connecting stress to hair colour. The team first hypothesised that stress causes an immune attack on pigment-producing cells. However, when mice lacking immune cells still showed hair greying, researchers turned to the hormone cortisol. But once more, it was a dead end.

“Stress always elevates levels of the hormone cortisol in the body, so we thought that cortisol might play a role,” Hsu said.

“But surprisingly, when we removed the adrenal gland from the mice so that they couldn’t produce cortisol-like hormones, their hair still turned grey under stress,” Hsu added.

After systematically eliminating different possibilities, researchers honed in on the sympathetic nerve system, which is responsible for the body’s fight-or-flight response.

Sympathetic nerves branch out into each hair follicle on the skin. The researchers found that stress causes these nerves to release the chemical norepinephrine, which gets taken up by nearby pigment-regenerating stem cells.

In the hair follicle, certain stem cells act as a reservoir of pigment-producing cells.

When hair regenerates, some of the stem cells convert into pigment-producing cells that colour the hair.

Researchers found that the norepinephrine from sympathetic nerves causes the stem cells to activate excessively. The stem cells all convert into pigment-producing cells, prematurely depleting the reservoir.

To connect stress with hair greying, the researchers started with a whole-body response and progressively zoomed into individual organ systems, cell-to-cell interaction and eventually all the way down to molecular dynamics.

“We know that peripheral neurons powerfully regulate organ function, blood vessels, and immunity, but less is known about how they regulate stem cells,” said study researcher Isaac Chiu.

“With this study, we now know that neurons can control stem cells and their function, and can explain how they interact at the cellular and molecular level to link stress with hair greying,” Chiu added.



Source link

CoronaVirus Alert: क्‍या है कोरोना वायरस, ये हैं लक्षण, ऐसे करें बचाव, अभी संभव नहीं उपचार



CoronaVirus: कोरोना वायरस के मामले चीन (China) से भारत (India) तक पहुंच गए हैं. कोरोना वायरस (Coronavirus) को लेकर वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (World Health Organization) की चेतावनी के बावजूद मामले बढ़ रहे हैं.

चीन को कोरोना वायरस (Coronavirus) ने पहले ही चपेट में ले लिया है. लेकिन चिंता की बात ये है कि अब चंडीगढ़, मोहाली और अमृतसर के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट्स पर अलर्ट जारी हुआ है. ऐसे में आपको भी इस वायरस से संबंधित हर बात जाननी चाहिए.

What is CoronaVirus

कोरोना वायरस, वायरस का एक बड़ा समूह है. इस कारण रेसपिरेटरी समस्‍याएं यानी सांस से संबंधित समस्‍याएं होने लगती हैं. जैसे कॉमन कोल्‍ड. फेफड़े प्रभावित होते हैं. वायरस का संक्रमण होते ही सांस संबंधी परेशानी, खांसी, सर्दी-जुकाम हो जाता है. यह न्यूमोनिया का कारण भी बन सकता है. आमतौर पर ये वायरस जानवरों से इंसान में फैलता है. पर वैज्ञानिक अब कह रहे हैं कि चीन में कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों की देखभाल करने वाले अस्‍पताल कर्मचारियों में भी इसके लक्षण देखे गए.

Ratan Tata: जवानी में किसी बॉलीवुड हीरो से कम नहीं लगते थे रतन टाटा, Photos Viral

कहां से आया CoronaVirus

वैज्ञानिक कह रहे हैं कि ये वायरस, जानवरों की एक प्रजाति से दूसरे प्रजाति में जाता है और फिर इंसानों को संक्रमित कर देता है. इस बार जो कोरोना वायरस फैला है, उसे बिल्‍कुल नई तरह का वायरस कहा जा रहा है. संभावना ये है कि ये जानवरों से इंसान तक पहुंचा. हालांकि चीन की ओर से अभी तक इस मूल स्रोत के बारे में कुछ भी पुष्ट तौर पर नहीं कहा गया है. चीन के पेकिंग यूनिवर्सिटी हेल्थ साइंस सेंटर के शोधकर्ता कह रहे हैं कि जो कोरोना वायरस फैला है, वो संभवत: सांप से इंसानों में पहुंचा हो. वहीं, चाइना अकादमी ऑफ साइंसेज की ओर से कराए गए एक दूसरे अध्ययन का दावा है कि कोरोना वायरस की उत्पत्ति चमगादड़ या सांप से हो सकती है.

CoronaVirus का पहला मामला

चीन के वुहान में सबसे पहले सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (सार्स) रोगाणु जैसे रहस्यमय कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आया था. चीन में अब तक इस वायरस के कारण मौतों का आंकड़ा 18 तक पहुंच गया है. 600 से ज्‍यादा लोग संक्रमित हैं.

CoronaVirus Symptoms

इसके संक्रमण के कारण होने वाले लक्षण ये हैं-

– सिरदर्द
– नाक बहना
– खांसी, गले में खराश
– बुखार
– छींक आना, अस्थमा का बिगड़ना
– थकान महसूस करना
– निमोनिया
– फेफड़ों में सूजन

Contraceptives: ऐसे गर्भनिरोधक जिन्‍हें सबसे ज्‍यादा लोग करते हैं इस्‍तेमाल, बेहद असरदार, आप भी किसी एक को चुनें

CoronaVirus Cure

कोरोना वायरस से कैसे बचें, इस पर संयुक्‍त राष्‍ट्र पहले ही एडवाइजरी जारी कर चुका है.

देखें-

 

CoronaVirus Treatment

कोरोना वायरस के इलाज के लिए अभी तक कोई वैक्‍सीन या दवा विकसित नहीं की जा सकी है. वैज्ञानिक इस पर अभी काम ही कर रहे हैं.

लाइफस्‍टाइल की और खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. 





Source link

What BJP wants in Budget: Not tax cut, but solutions



Sources said much has been done to ease the tax burden of the middle classes in the last five years, and that such a measure affects only a limited segment of people when the focus should be to put money in rural areas. Archis Mohan reports.



Source link