Tips: करें ये छोटा सा काम, Life में हमेशा रहेंगी खुशियां, कभी नहीं आएगा दुख



नई दिल्‍ली: जीवन में कभी सुख और कभी दुख का सिलसिला चलता रहता है. ऐसे में लोगों को चाहिए कि वो कुछ ऐसा काम करें कि दुख कभी ना आए और अगर आए भी तो फौरन चला जाए. इसके लिए आपको कुछ जरूरी उपाय करने चाहिए. ताकि आपके घर में खुशियां हमेशा बनी रहे तो आइये जानते हैं वो उपाय…

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1. कुछ छोटे-छोटे उपाय बड़े काम के हैं. ऐसा करने से कई प्रकार की समृद्धि व स्‍वास्‍थ्‍य लाभ होने की मान्‍यता है, जैसे किसी देवी मंदिर में जाकर पांच मंगलवार ध्‍वज पताका फहराएं और आर्थिक समृद्धि की कामना करें, आपकी सभी इच्‍छाएं पूरी होंगी.

2. अगर धन की चाहत है तो हर मंगलवार तांबा, केसर, कस्‍तूरी, गेंहू, लाल गुलाब, शहद, लाल मूंगा, लाल मिर्च, लाल पत्‍थर आदि चीजों का दान करें. समय के साथ पैसा आने लगेगा.

3. अमावस्‍या के दिन अच्‍छे से घर की सफाई करें, सुबह और शाम को गूगल की धूप से घर में खुशबू फैलाएं. यह लाल किताब का उपाय घर को बीमारी से दूर रखता है.

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4. घर के अग्निकोण में पानी की कोई टंकी नहीं होनी चाहिए. यह जगह वास्‍तु शास्‍त्र से अग्निदेव की है. यहां आप लाल रंग का हमेशा बल्‍ब जला कर रखें.

5. एक तांबे के लोटे में जल लें और उसमें थोड़ा सा लाल चंदन मिला दें, उस पात्र को अपने सिरहाने रखकर रात को सो जाएं. सुबह उठकर सबसे पहले उस जल को तुलसी के पौधे में चढ़ा दें, ऐसा करने से कुछ ही दिनों में आपकी परेशानी धीरे-धीरे दूर हो जाएगी.

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अगर करेंगे ये 5 काम, तो कभी नहीं होगी Heart Disease


वर्ल्ड हार्ट फेडरेशन के मुताबिक, दुनिया भर में एक साल में हृदय रोग के कारण लगभग 1.75 करोड़ लोगों की मौत हो जाती है. इनमें से करीब 67 लाख लोगों की मौत स्ट्रोक से होती है.

पर आपको इससे घबराने की जरूरत नहीं है. केवल ये 5 काम करके आप इन बीमारियों से दूर रह सकते हैं.

– दैनिक व्यायाम महत्वपूर्ण है. अध्ययनों से पता चला है कि तेज चलने से कुछ वयस्कों की जीवन अवधि में लगभग दो घंटे जुड़ सकते हैं. जीवनशैली में कुछ बदलाव जैसे सीढ़ियों से चढ़ना, पार्किंग स्थल के अंतिम भाग में पार्किंग करना और अपने दोपहर के भोजन के समय में से थोड़ी देर के लिए कार्यालय से ब्रेक लेकर पैदल चलने से शरीर को दुरुस्त रखने में मदद मिलती है.

– सही और स्वास्थ्य वर्धक आहार स्वस्थ हृदय और स्वस्थ जीवन जीने की कुंजी है. लेकिन हममें से अधिकांश इसे अनदेखा करते हैं. व्यक्ति जो खाता है, वह सीधे उसके दिल को प्रभावित करता है. इसलिए हरी और पत्तेदार सब्जियों का सेवन सुनिश्चित करें, चीनी और गैस युक्त पेय से परहेज करें, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थो से दूर रहें.

– अत्यधिक वजन दिल के लिए खतरनाक है. वजन पर नजर रखें क्योंकि यह उच्च कोलेस्ट्रॉल की संभावना को बढ़ाता है, जिससे मधुमेह, धमनी रोग का खतरा और रक्तचाप हो सकता है.

– धूम्रपान और शराब के सेवन से हृदय रोग होने का जोखिम बढ़ता है. इन आदतों को रक्तचाप बढ़ाने के लिए जाना जाता है, जिसके कारण दिल की धड़कन अनियमित होती है और स्ट्रोक्स होते हैं.

– ऐसे कई अध्ययन हुए हैं जिन्होंने स्थापित किया है कि तनाव दिल की समस्याओं का सबसे बड़ा कारण है. इससे दर्द और तकलीफ हो सकती है, चिंता और अवसाद की भावनाएं पैदा हो सकती हैं, और ऊर्जा होती है. तनाव दूर रखने का प्रयास करें.

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चीन के एक तिहाई नागरिक नहीं करते ब्रेकफास्ट, सामने आई चौंकाने वाली वजह



चीन के पास कहने को दुनिया की बड़ी सेनाओं में से एक है लेकिन कुछ मामलों में वह देश बाकी देशों से पीछे है. एक सर्वे के मुताबिक एक-तिहाई लोगों के पास सुबह में रोज नाश्ते का वक्त नहीं होता है. चीन की न्यूट्रीशन सोसायटी की ओर करवाए गए सर्वे में करीब 11 फीसदी लोग ऐसे पाए गए, जो अक्सर ब्रेकफास्ट नहीं करते हैं.

चीन के 31 प्रांतों में 18 साल से ऊपर के लोगों में करीब एक फीसदी ने कहा कि उन्होंने कभी नाश्ता नहीं किया. रिपोर्ट के अनुसार, 49 फीसदी लोगों के नाश्ता नहीं करने की मुख्य वजह यह है कि उनके पास सुबह में समय सीमित होता है. वहीं 17 फीसदी लोगों ने बताया कि उन्हें सुबह में भूख ही नहीं लगती है और उन्हें नाश्ता करने की आदत नहीं है.

सर्वे के अनुसार, नौ फीसदी लोग नाश्ते को जरूरी नहीं समझते हैं. सर्वेक्षण में शामिल लोगों ने बताया कि नाश्ते में सोयाबीन, डेयरी प्रोडक्ट्स, फल और सब्जियों से ज्यादा प्रमुख रूप से अनाज और गांठ वाली सब्जियां होती हैं. करीब 81 फीसदी प्रतिभागियों ने बताया कि वे 15 मिनट में नाश्ता करते हैं, जबकि 42 फीसदी लोगों ने बताया कि वे नाश्ते के लिए 10 मिनट का समय देते हैं.

सर्वे में यह भी बताया गया कि अपर्याप्त ऊर्जा, आहार संबंधी रेशे या विटामिन लेने पर उसकी भरपाई दोपहर के भोजन या रात के भोजन से नहीं की जा सकती है.



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सिर्फ एक गोली के सेवन से हेल्दी बच्चे को जन्म दे सकती हैं महिलाएं



फॉलिक एसिड की एक गोली महिलाओं के लिए काफी मायने रखती है. इस गोली के सेवन से वह स्वस्थ बच्चे को जन्म दे सकती है. खासतौर से बच्चों में स्पाइना बिफिडा जैसी जन्मजात विकृति दूर करने के लिए फोलिक एसिड का सेवन ही एकमात्र उपाय है. स्पाइना बिफिडा एक गंभीर विकृति है जो बच्चों में जन्म से ही होता है जिसका प्रभाव पीड़ित व्यक्ति पर जीवनभर बना रहता है.

स्पाइना बिफिडा फाउंडेशन के संस्थापक और न्यासी डॉ. संतोष करमार्कर ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “स्पाइना बिफिडा जन्मजात विकृति है जिसमें बच्चों को जीवनभर कष्ट झेलना पड़ जाता है. लेकिन इस विकृति का जो कारण है वह बहुत साधारण है और लोगों में थोड़ी जागरुकता हो तो ऐसी विकृति पैदा होने की नौबत ही नहीं आएगी.”

करमार्कर ने कहा, “गर्भवती महिला में अगर फोलिक एसिड की कमी होगी तो बच्चा स्पाइना बिफिडा की विकृति को लेकर पैदा होगा. इसलिए महिलाओं को गर्भधारण करने से पहले से ही फोलिक एसिड लेना शुरू कर देना चाहिए.” उन्होंने बताया कि स्पाइना बिफिडा से पीड़ित बच्चों में जन्म के समय ही पीठ पर एक घाव पाया जाता है. रीढ़ की हड्डी के जोड़ों के बीच छेद से रीढ़ की हड्डी बाहर निकल आती है, जिसके कारण बच्चा जीवनभर के लिए अपाहिज हो जाता है.

स्पाइना बिफिडा और हाइड्रोसेफालस पर आयोजित 28वें अंतर्राष्ट्रीय सालाना सम्मेलन में बच्चों में जन्मजात समस्याओं की रोकथाम, जन्म से पूर्व एवं उसके बाद उपचार जैसे अहम पहलुओं चर्चा हुई. आयोजक ने बताया कि भारत में पहली इस सम्मेलन का आयोजन हुआ है जिसमें विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यएचओ) का सहयोग मिला है और कार्यक्रम के आयोजन में मायर बायोटिक्स साझेदार के रूप में शामिल है.

कार्यक्रम में इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ स्पाइना बिफिडा और हाइड्रोसेफालस की प्रेसिडेंट डॉ. मार्गो व्हाइटफर्ड ने कहा कि फोलिक एसिड की गोली महिलाओं को नियमित रूप से सेवन करना चाहिए ताकि उनका बच्चा स्पाइना बिफिडा का शिकार न हो. हाइड्रोसेफालस में मस्तिष्क में पानी भर जाता है. कार्यक्रम में शामिल हुए विटाबायोटिक्स के प्रेसिडेंट रोहित शेलातकर ने बताया कि इस जन्मजात विकृति से दुनियाभार में हर साल 80 लाख बच्चे पैदा होते हैं जिनमें से ज्यादातर जन्म के बाद एक साल में ही दम तोड़ देते हैं.

विशेषज्ञों ने बताया कि यह एक शारीरिक और मानसिक बीमारी है जिसका इलाज किसी एक विभाग में नहीं है. मरीजों के इलाज के लिए कई विभागों में समन्वय बनाना होता है. स्पाइना बिफिडा से पीड़ित हैदराबाद की सांई सुमन (25) ने कहा, “मुझे कई साल तक यह पता नहीं चलता था कि रात में मेरा बिस्तर गीला कैसे हुआ.” दरअसल, इस रोग से पीड़ित मरीजों में पेशाब और दस्त होने का कोई बोध नहीं होता है और समय-समय पर उनकी देखभाल करने वालों को उनके कपड़े बदलने पड़ते हैं. इस रोग से पीड़ित मरीज कभी चल-फिर नहीं पाते हैं. रोहित शेलातकर ने बताया कि एक सर्वे के आधार पर भारत में स्पाइना बिफिडा के सबसे अधिक मामले हैं क्योंकि यहां हर साल 40,000 बच्चे इस रोग से पीड़ित पैदा होते हैं.



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रोज ये आसान सा काम करने से जिंदगी भर के लिए मिल सकता है चश्मे से छुटकारा


अगर आप अपनी उम्र के साथ अपनी आंखों को स्वस्थ रखना चाहते हैं और अपनी रौशनी को नुकसान से बचाना चाहते हैं, तो हर रोज आपको ये आसान सा काम करना होगा. ऑस्ट्रेलिया में हुई रिसर्च में सामने आया है कि हर रोज एक संतरे का सेवन आंखों की रौशनी बचाने में काफी मददगार हो सकता है. रिसर्च के मुताबिक आंख में मैकुलर क्षय उम्र से जुड़ी हुई एक स्थिति है, जिससे दृष्टि क्षेत्र के सेंटर में दिखाई देने में समस्या आती है.

रिसर्च के नतीजे बताते हैं कि जिन लोगों ने हर रोज कम से कम एक बार संतरे खाए, उनमें 15 साल बाद मैकुलर क्षय के विकसित होने की संभावना 60 फीसदी कम रही. यह प्रभाव संतरे में मौजूद फ्लेवोनवाएड्स की वजह से हैं, जो आंखों की रौशनी को होने वाले नुकसान से रोकता है.

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फ्लेवोनवाएड्स एक प्रकार के प्रभावशाली एंटीऑक्सिडेंट होते हैं, जो करीब सभी फलों और सब्जियों में पाए जाते हैं. यह इम्यून सिस्टम के लिए भी फायदेमंद होते हैं. सिडनी विश्वविद्यालय की बामिनि गोपीनाथ ने कहा, “हमने पाया कि जिन लोगों ने हर रोज संतरे खाए थे, उनमें कभी संतरे नहीं खाने वालों की तुलना में मैकुलर क्षय होने का खतरा कम था.”

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उन्होंने कहा, “यहां तक कि हफ्ते में एक बार संतरा खाने से भी महत्वपूर्ण लाभ दिखाई देता है.” इस रिसर्च को अमेरिकी पत्रिका, क्लिनिकल न्यूट्रिशन में प्रकाशित किया गया है. इसमें रिसर्च टीम ने 2000 लोगों पर स्टडी की जिनकी आयु 50 साल से ऊपर थी.



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वैज्ञानिकों ने बताया ऐसे खाएंगे-पीएंगे, तो 100 साल तक जीएंगे…


नई दिल्‍ली: फिटनेस, वजन कम होना, डायटिंग या इन तीनों की वजह से कोई व्‍यक्ति 100 साल तक जी सकता है? आखिर लंबी उम्र होने का राज क्‍या है…अगर आप भी इनका जवाब ढूंढ़ रहे हैं तो आपके लिए अच्‍छी खबर है. वैज्ञानिकों ने एक शोध में इस बात का पता लगा लिया है.

ये शोध इटली के गांवों में रहने वाले 90 साल के लोगों पर किया गया. इसके निष्‍कर्ष को इंटरनेशनल साइकोगेरियाट्रिक्‍स में पब्लिश किया गया है. शोध में 29 गांवों के लोगों, उनके जीवन, माइग्रेशन, विचारों, विश्‍वासों को आधार बनाया गया.

इसमें पता चला कि किसी भी व्‍यक्ति को लंबी उम्र तक जीवन जीने के लिए कई कारण मायने रखते हैं. इसमें से खानपान एक अहम हिस्‍सा है. जानें कैसे रखें अपना खानपान-

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ताजा भोजन खाएं
अगर आप लंबी उम्र चाहते हैं तो पहला नियम है ताजा भोजन खाने का. प्रोसेस्‍ड भोजन से शरीर में केमिकल्‍स जाते हैं. इसलिए ताजा पका खाना ही खाएं.

कम खाएं अच्‍छा खाएं
आप चाहे दिन में दो बार ही भोजन करें. पर ये पर्याप्‍त भोजन होना चाहिए. इसमें सभी प्रकार के पोषक तत्‍व हों. संतुलित भोजन करें. आपको जानकर हैरानी होगी कि कुछ मेडिकल स्‍टडीज में ये बात सामने आई है कि अगर आप दिन में कम बार भोजन करते हैं तो ये कैंसर के रिस्‍क को कम करता है.

ऐसे व्रत रहें
व्रत रहने से शरीर में जमा फैट कम होता है. इससे शरीर में शुगर लेवल घटता है. टॉक्सिन बाहर निकलते हैं.



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