Summer Vacation में जा रहे हैं घूमने तो ऐसे रखें स्किन का ख्‍याल…



गर्मियों की छुट्टियों में लोग हिल स्‍टेशंस जाते हैं. मई शुरू होते ही वो प्‍लान करने लगते हैं कि कहां जाना है. इसके लिए पैकिंग, शॉपिंग सब कर लेते हैं पर बस जिस चीज को इग्‍नोर करते हैं वो हैं स्किन की प्रॉपर देखभाल.

क्‍या आप जानते हैं कि समुद्री तटों तथा पहाड़ों की बर्फ के पारदर्शी सतहों पर, सूरज की किरणें मैदानी इलाकों के बजाय ज्यादा तेज होती हैं. इससे स्किन में जलन, कालापन, सनबर्न व मुहांसों जैसी प्रॉब्‍लम्‍स हो सकती हैं.

जानें जब भी कहीं घूमने जाएं तो कैसे रखें स्किन, बालों का ख्‍याल-

– अगर आप समुद्री एरिया में जा रहे हैं तो वहां सिर को कैप से ढककर रखें. इससे बालों को सूर्य की गर्मी तथा खारे पानी के नुकसान से प्रभावी तरीके से बचाया जा सकता है.

– पूल या समुद्र में नहाने से पहले बालों को ताजे पानी से अच्छी तरह धोएं. बालों के छिद्र खुले होते हैं तथा बालों को धोने के बाद समुद्र में नहाने से बालों को नुकसान नहीं होता. क्योंकि ऐसा करने से बाल समुद्री पानी को नहीं सोखते. वापस आने के बाद बालों को हल्के हर्बल शैंपू से धोएं. शैंपू के बाद बालों में कंडीशनर या हेयर सीरम का उपयोग करें.

– धूप में जाने से 20 मिनट पहले चेहरे तथा शरीर के सभी खुले अंगों पर सनस्क्रीन का लेप जरूर कर लें.

– संवेदनशील तथा सनबर्न से प्रभावित त्वचा में 30 या ज्यादा एसपीएफ सनस्क्रीन का उपयोग करें.

– गर्मियों में छुट्टियों के दौरान मॉइस्चराइजर, रिहाइडरेंट, क्लींजर हेड क्रीम तथा होठों का वाम साथ रखना ना भूलें.

– गर्मियों की छुट्टियों के दौरान तैलीय त्वचा को चमकाने तथा छिद्रों को साफ करने के लिए स्क्रब का अधिकतम उपयोग करें.

– समुद्री तट पर खारे पानी में नहाने के बाद चेहरे को ताजे साफ पानी से धोएं.

– सनबर्न के प्रभाव को कम करने के लिए चेहरे पर ठंडे दूध की मालिश करके इसे कुछ समय तक छोड़ दें.

– यदि आपकी तैलीय त्वचा है तथा आप गर्मियों में आद्र्रता भरे मौसम में सफर कर रहे हैं तो टिशू पेपर, टेल्कम पाउडर तथा डिओडुरेंट अपने साथ जरूर रखें.

– बालों को सूर्य की किरणों, हवा के झोंको तथा धूल मिट्टी से बचाने के लिए स्कार्फ का उपयोग करें.

– तैलीय बालों के लिए गर्म पानी में टी बैग डुबोइए। टी बैग को हटाकर बाकी बचे पानी को ठंडा होने दीजिए तथा बाद में इसमें नींबू जूस मिलाकर बालों को साफ कीजिए. इससे बालों को मुलायम और चमकदार बनाने में मदद मिलती है.



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आम देखकर कंट्रोल नहीं होता! ज्‍यादा खाने के ये हैं नुकसान…



आम का मौसम है. हर तरह के आम बाजार में बिक रहे हैं. लोग जमकर खरीद रहे हैं और खा रहे हैं.

पर ज्‍यादा आम खाने के क्‍या नुकसान हैं. क्‍या आपको आम लिमिट में खाना चाहिए? जवाब है हां.

अल्फांसो, दशहरी, लंगड़ा, चौसा, तोतापुरी जैसे आमों को बिना कंट्रोल के खाना नुकसानदेह हो सकता है.

– आम को जल्दी पकाने के लिए कारोबारी उसमें कैल्‍शियम कार्बाइड मिला देते हैं. इस केमिकल से सेहत को कई तरह के नुकसान पहुंचते हैं. आप आम खाते हुए भले ही उसे पानी से धो लेते होंगे, लेकिन इतने भर से इस केमिकल का असर खत्म नहीं होता. इसलिए कोशिश करनी चाहिए कि ज्यादा मात्रा में आम न खाएं.

– एक मध्‍यम आकार के आम में 135 कैलोरीज पाई जाती है. बहुत ज्‍यादा आम खाने से वजन बढ़ सकता है.

– आम के सिर के पास एक तरह का तरल पदार्थ निकलता है. अगर आप खाने से पहले इसे अच्छी तरीके से साफ नहीं करते, तो ये आपके गले में चला जाता है और परेशानी पैदा करता है. इससे खराश से लेकर गले में दर्द व सूजन तक भी हो सकती है.

-जैसा कि यहां पहले ही बताया गया है, आम की तासीर गर्म होती है. इसे ज्यादा खाने से लोगों के चेहरे और शरीर के दूसरे हिस्से पर फोड़े-फुंसी या दाने निकल सकते हैं.

-ऐसे लोग जिन्‍हें गठिया और साइनस है उन्‍हें आम थोड़े कम खाने चाहिए. कच्‍चे या पके दोंनो ही तरह के आमों के सेवन से आपकी तकलीफ और ज्‍यादा बढ़ सकती है.

– आम में काफी मात्रा में नैचुरल शुहर होती है. वैसे तो नैचुरल शुगर शरीर के लिए अच्छी है लेकिन अगर आप ज्यादा मात्रा में आम खाते हैं तो इससे ब्लड शुगर काफी बढ़ सकता है. खासतौर पर डायबिटीज के मरीजों को आम खाते हुए थोड़ी सावधानी बरतनी चाहिए.



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Skin Care: गर्मियों में कैसे रखें त्‍वचा का ख्‍याल, जानें 6 टिप्‍स



गर्मियों में स्किन प्रॉब्‍लम्‍स भी बढ़ जाती हैं. पिगमेंटेशन, कील, मुंहासे, फुंसियां, झाइयां, टैनिंग, रूखी बेजान त्वचा की समस्‍या आम हो जाती है. ऐसे में इस समय त्‍वचा का खास ख्‍याल रखने की जरूरत होती है.

त्‍वचा की देखभाल के लिए स्किनक्योर क्लीनिक के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. बी.एल. जांगिड़ ने ये सुझाव दिए हैं-

पानी पीएं- अधिक तापमान और ज्यादा समय बाहर बिताने के कारण हमारे शरीर में ‘डिहाइड्रेशन’ यानी पानी की मात्रा कम हो जाती है. इससे न केवल सिरदर्द व चक्कर आते हैं, बल्कि त्वचा की चमक भी मध्यम हो जाती है. आपको चाहिए काम से काम दस गिलास सादा पानी रोज पिएं. यदि आप चाय या कॉफी जैसे कैफीन वाले पेय पीते हैं तो इस से तीन गुना अधिक मात्रा में आपको सादा पानी पीना चाहिए.

मेकअप के साथ ना सोएं- गर्मियों में मेकअप उतारे बिना आप कभी न सोएं. इसका पालन न करने की वजह से त्वचा की ऊपरी सतह पर गन्दगी की एक परत सी जमने लगती है. यही परत वास्तव में मुहासों का सबसे बड़ा कारण बनती है. इस से झाइयां और ‘पिगमेंटेशन’ यानी त्वचा का रंग बेरंग होने जैसी समस्याएं भी होती हैं. यदि आप मेकअप लगाते हैं तो रात में सोने से पहले उसे जरूर उतार दें.

मॉइस्चराइज करें- त्वचा को मॉइस्चराज्ड या नम रखने की अहमियत को नजरअंदाज ना करें. आपकी त्वचा जितनी सूखी और बेजान होगी, वह उतनी ही पर्यावरण द्वारा किए गए नुकसान को झेल नहीं पाएगी. प्रदूषण और सूरज की तेज किरणों का सबसे बुरा असर सूखी त्वचा पर ही होता हैं. ऐसे में सनस्क्रीन को भी बिलकुल ना भूलें.

स्क्रब का प्रयोग ना करें- अपने चेहरे और शरीर को साफ रखने के लिए सौम्य क्लीन्जर का प्रयोग करें. जेल बेस्ड क्लीन्जर या शावर जेल सबसे उत्तम हैं, पर इन्हें भी बहुत ज्यादा ना रगड़ें. इससे त्वचा की ऊपरी परत को नुकसान होता है.

स्किनकेयर ट्रीटमेंट्स लें- कई ऐसी सुविधाएं या ट्रीटमेंट्स हैं जो न केवल त्वचा को साफ व क्लियर रखती हैं साथ ही चेहरे की त्वचा को जवान और स्वस्थ रखने में भी मदद करती हैं. पार्लर में जाना चाहें तो क्लीन अप फेशियल या क्लेरिफाइंग फेशियल फायदेमंद हैं. त्वचा विशेषज्ञ या डर्मेटोलॉजिस्ट के पास मेडिकल फेशियल अधिक फायदा पहुंचा सकते हैं.

कार्बन पील ट्रीटमेंट- यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिस से फायदा उसी दिन दिखता है और लम्बे समय तक इसका असर आपके चेहरे पर बरकरार रहता है. यह एक बहुत ही स्पेशलिज्ड ट्रीटमेंट है जिसमे त्वचा विशेषज्ञ या डर्मेटोलॉजिस्ट त्वचा पर पहले कार्बन लगाते हैं. उसके बाद एक बहुत ही हल्का लेजर लगाया जाता है जिस से यह कार्बन के पार्टिकल्स फूट जाते हैं और त्वचा की ऊपरी परत की सफाई करते हैं. इस प्रक्रिया में झाइयां, दाग-धब्बे, निशान वगैरह सभी मिट जाते हैं और चेहरे के ऊपर बारीक बाल भी प्राकृतिक रूप से ब्लीच हो जाते हैं.



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Tips: गर्मियों में डि-हाइड्रेशन से कैसे बचें? जानें क्‍या खाएं-क्‍या नहीं


गर्मियों के मौसम में सबसे ज्‍यादा डि-हाइड्रेशन की दिक्‍कत होती है. शरीर को  पर्याप्‍त मात्रा में पानी मिलना बेहद आवश्‍यक है.

ऐसे में खानपान में विशेष सावधानियां बरतने की आवश्‍यकता होती है. जिससे शरीर में पानी की कमी ना हो.

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क्‍या खाएं-पीएं

– ग्रीन टी और कोल्ड कॉफी लें.

– हल्का खाना खाएं.

-मौसमी फल जैसे- तरबूज, खरबूज, ककड़ी, खीरा आदि को प्रमुखता दें.

– रेशेदार खाद्य पदार्थ खाएं.

– भोजन के बीच में लंबा गैप न होने दें.

-बदहजमी होने पर घर में बने नींबू पानी और पुदीना पानी पीएं.

-पानी अधिक मात्रा में पीएं.

-बाजार के पेय पदार्थो की बजाय दही, सत्तू, शिकंजी, नारियल पानी लस्सी आदि को प्रमुखता दें.

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क्या ना खाएं-

-तले-भुने खाने से परहेज करें.

-गर्म तासीर वाले फल जैसे चेरी, आड़ू, अमरूद न खाएं.

-लंच में ले जाए गए टिफिन को पांच से छह घंटे के अंदर खा लें, क्योंकि इससे ज्यादा समय पैक रहने से इसमें बैक्टीरिया पनप सकते हैं.

– चाय और हॉट कॉफी से परहेज करें.

– ज्यादातर ड्राइफ्रूट्स में वसा अधिक होती है, इसलिए गर्मियों में इन्हें कम खाएं.

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गर्मियों में ऐसे रखें Skin का ख्‍याल, अपनाएं ये 8 टिप्‍स…



तेज गर्मी से हर कोई परेशान है. स्किन पर भी इसका काफी असर होता है. अगर आप भी अपने स्किन की देखभाल करना चाहते हैं तो धूप में निकलने से पहले कुछ बातों का ध्‍यान रखें.

– धूप में जा रहे हों तो घर से निकलने के 20 मिनट पहले सनस्क्रीन लगाएं.

– हर रोज रात को चेहरे से अच्‍छी तरह से धोएं. फिर उस पर मॉस्चराइजर लगाएं.

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– अगर कहीं बीच किनारे घूमने गए हैं या पूल में नहाते हैं तो उसके बाद चेहरे को साफ पानी से धोएं.

– धूप से वापस आएं तो चेहरे पर ठंडे दूध की मालिश करके इसे कुछ समय तक छोड़ दें. फिर ताजे पानी से धो लें.

– शहद को अंड के सफेद भाग में मिलाकर इस पेस्ट को चेहरे पर 20 मिनट तक लगा रहने के बाद इसे ताजे स्वच्छ जल से धो डालिए.

– इस मिश्रण से त्वचा कोमल, मुलायम तथा चमकदार बनती है.

– त्वचा के अनुरूप बॉडी स्क्रब चुनें, जो शरीर की अच्छी तरह से सफाई कर सके. त्वचा की रगड़कर सफाई करने से मृत कोशिकाओं दूर होती हैं. मुलायम स्क्रब का उपयोग करना बेहतर है.

– त्वचा के डेड सेल्‍स और इस पर जमी धूल-मिट्टी की सफाई के बाद अच्छा बॉडी लोशन या मॉइस्चराइजर लगाएं.

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ये हैं वो 5 चीजें जिन्‍हें गर्मियों में हर रोज खाना चाहिए…



गर्मियां आ गई हैं. इस मौसम में खानपान का विशेष ध्‍यान रखने की जरूरत होती है. अगर खानपान अच्‍छा ना हो तो कई बीमारियां घेर सकती हैं.

ऐसे में आपको मौसमी फलों के अलावा कई और चीजों का सेवन करना चाहिए. जिनसे शरीर में पानी की पर्याप्‍त मात्रा बनी रहे.

इन चीजों को खानपान में जरूर शामिल करें-

– हर दिन 7 से 8 ग्लास पानी जरूर पिएं. इससे ना केवल आपके शरीर की पानी की जरूरत पूरी होगी, बल्कि आपका हीमोग्लोबीन और एम्यून सिस्टम भी ठीक रहेगा.

– खीरा में प्राकृतिक रूप से पानी की मात्रा होती है. शरीर में पानी का स्तर बनाए रखने में यह मददगार हो सकता है. खीरा में एक खास तरह का एंजाइम भी होता है जो आंतों की सेहत को बनाए रखता है. इससे त्वचा भी अच्छी रहती है.

– तरबूज में 92 फीसदी पानी होता है. इसे खाने से शरीर का तापमान ठीक रहता है और बॉडी हाइड्रेटेड रहती है. वहीं तरबूज में सी और विटामिन ए भी होता है, जो आंखों और त्वचा के लिए भी फायदेमंद है.

– फलों के राजा आम की बात ही कुछ और है. गर्मी के मौसम में अगर आपने आम नहीं खाया तो क्या खाया. आम में ऐसे तत्व मौजूद होते हैं, जिनसे त्वचा का रंग साफ होता है. आम में विटामिन ए, सी और ई की मात्रा भरपूर होती है. लेकिन आम खाने से पहले उसे कुछ देर या कुछ घंटों के लिए पानी में रखें, इसके बाद ही खाएं.

– गर्मियों में नारियल पानी का सेवन सबसे अधिक फायदेमंद होता है. नारियल पानी शरीर में पानी का स्तर बनाए रखता है और वजन घटाने में भी मददगार होता है. इसलिए गर्मियों में रोजाना नारियल पानी जरूर पिएं.

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गर्मियों में बालों का कैसे रखें ख्‍याल, जानें हर बात…



गर्मियों में धूप, उमस का असर जितना स्किन पर पड़ता है उतना ही बालों भी पड़ता है. इसलिए ये बेहद जरूरी है कि इस दौरान बालों का खास ख्‍याल रखा जाए.

जानें इस मौसम में कैसे रखेंगे आप बालों का ख्‍याल-

-रात में सोने से पहले अपने बाल सुलझा कर ही सोएं.

– गर्मी में पसीने से बाल चिप-चिप हो जाते हैं, इसलिए इन्हें दो दिन बाद ही धो सकते हैं. लेकिन सिर धोने से पहले तेल लगाना ना भूलें.

– गर्मी में बाल की सेहत बनाए रखनी है तो खूब सारा पानी पीयें. क्यों पानी की कमी के कारण भी बाल गिरते हैं.

– खाने में ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ लें. संतरा और मौसम्बी के जूस की मात्रा बढ़ा दें. इनमें विटामिन सी होता है, जो बाल और त्वचा के लिए बेहतरीन होता है.

– खाने में ज्यादा से ज्यादा दालें लें. दाल में प्रोटीन होता है, जिससे बाल खूबसूरत और लंबे होते हैं.

– दही और आंवला खाने से भी बालों की सेहत अच्छी होती है.

– छुट्टी के दिन बालों में मेहंदी लगाएं. अगर संभव हो तो ताजा पत्तियों वाली मेहंदी पीसकर लगाएं. इससे सिर ठंडा भी रहेगा और आपके बालों की अच्छी कंडिशनिंग भी हो जाएगी.

– गीले बाल में कंघी कभी ना करें. बाल को सुलझाने के लिए जोर-जबरदस्ती ना करें. प्यार से और धीरे-धीरे सुलझाएं.

– किसी बीमारी या कमजोरी के कारण भी बाल गिरते हैं. इसलिए अगर आपको लग रहा है कि आपके बाल असामान्य रूप से गिर रहे हैं तो एक बार हेल्थ चेकअप जरूर करा लें.

– धूप में निकलने से पहले हमेशा सिर ढक लें. खासतौर से यदि आपने स्मूदनिंग या स्ट्रेटनिंग कराई है तो यह और भी जरूरी है.

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Tips: चाहे कितनी ही गर्मी बढ़ जाए, ये आसान सा नुस्‍खा कभी नहीं लगने देगा लू…



गर्मियों में लू लगने की समस्‍या आम हो जाती है. दोपहर क्‍या कभी-कभी तो शाम तक भी गर्म हवाएं चलती रहती हैं. ऐसे में शरीर को हाइड्रेट रखना जरूरी होता है.

डॉक्‍टर्स भी कहते हैं कि गर्मियों में अत्यधिक पसीना आने के कारण इस मौसम में वयस्कों के शरीर में पानी की जरूरत 500 मिलीलीटर बढ़ जाती है. इसका ध्यान रखते हुए खूब पानी पीकर ही हीट सट्रोक (लू) से बचा जा सकता है.

लंबे समय तक गर्मी में रहने के कारण होने वाली तीन सबसे आम समस्याएं हैं, जिनमें ऐंठन, थकावट और हीट स्ट्रोक शामिल हैं. अत्यधिक पसीना निकलने से, मूत्र और लार के रूप में तरल पदार्थ तथा इलेक्ट्रोलाइट्स का प्राकृतिक नुकसान होता रहता है, जिससे डिहाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट्स का तीव्र असंतुलन हो सकता है.

अधिक समय तक धूप में रहने, शारीरिक गतिविधि, उपवास, तीव्र आहार, कुछ दवाओं और बीमारी व संक्रमण के चलते निर्जलीकरण कहीं भी और कभी भी हो सकता है. इसके आम लक्षणों में थकान, चक्कर आना, सिरदर्द, गहरे पीले रंग का मूत्र, शुष्क मुंह और चिड़चिड़ापन शामिल हैं. इसलिए इस मौसम में खुद को हाइड्रेटेड रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहना महत्वपूर्ण है.

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हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया (एचसीएफआइे) के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. के.के. अग्रवाल का कहना है, ‘गर्मियों में अत्यधिक पसीना आने के कारण वयस्कों में पानी की आवश्यकता 500 मिलीलीटर तक बढ़ जाती है. यह टाइफाइड, पीलिया और दस्त का मौसम भी है. इसके कुछ कारणों में पर्याप्त मात्रा में पानी न पीना और खराब भोजन, पेयजल व हाथों की स्वच्छता न रखना शामिल है’.

उन्होंने कहा कि लौकी, तोरी, टिंडा, कद्दू आदि गर्मियों की सब्जियां हैं, जो बेलों पर उगती हैं. इन सभी में पानी की मात्रा अधिक होती है और ये मूत्रवर्धक होती हैं. ये प्रकृति के कुछ नियमों का पालन करती हैं. प्रकृति हमेशा उस मौसम के रोगों को रोकने के लिए जानी जाने वाली सब्जियों और फलों का उत्पादन करती है. उदाहरण के लिए, नारियल तटीय क्षेत्रों में उगते हैं, क्योंकि वे आद्र्रता संबंधी विकारों से प्रतिरक्षा प्रदान करते हैं. गर्मियों में आम पकते हैं, क्योंकि आम का पना गर्मी के विकारों को रोक सकता है.

डॉ. अग्रवाल ने कहा कि पसीने की अनुपस्थिति, शुष्क कांख या बगल, 8 घंटे तक मूत्र न आना या गर्मियों में उच्च बुखार – ये सभी खतरे के संकेत हैं और तुरंत चिकित्सा की मांग करते हैं. हाथ, पैरों या पेट की मांसपेशियों में ऐंठन हीट क्रैंप कहलाते हैं, जो अधिक व्यायाम के कारण बड़ी मात्रा में नमक और पानी की हानि के परिणामस्वरूप होते हैं. इसका उपचार है तरल पदार्थों और नमक का सेवन.

उन्होंने आगे कहा, ‘आपका पर्यावरण तय करता है कि आपको कितना पानी पीना चाहिए. गर्म जलवायु वाले व्यक्तियों को पसीने के माध्यम से खोए हुए तरल की भरपाई करने के लिए अधिक पानी पीना चाहिए. अधिक ऊंचाई पर रहने वाले व्यक्तियों को भी अधिक पानी पीने की आवश्यकता हो सकती है, क्योंकि हवा में ऑक्सीजन की कमी अधिक तेजी से सांस लेने और श्वसन के दौरान नमी का अधिक नुकसान होने का संकेत देती है. तो नियम यह है कि आपको गर्मी के महीनों में अधिक पानी पीना चाहिए, क्योंकि गर्मी और अतिरिक्त समय बाहर बिताने से तरल का अधिक नुकसान हो सकता है’.

डॉ. अग्रवाल के कुछ सुझाव :

* खाद्य स्वच्छता के लिए यह सूत्र याद रखें : गर्म करें, उबालें, पकाएं, छीलें या फिर उसे भूल जाएं.
* कोई भी भोजन या तरल, यदि उपयोग करने से पहले गर्म किया जाता है, तो संक्रमण का कारण नहीं बन सकता. कोई भी तरल या पानी, यदि उपयोग करने से पहले उबाला जाता है, तो संक्रमण का कारण नहीं बन सकता है.
* कोई भी फल, जो हाथों से छीला जा सकता है, उदाहरण के लिए, केला और नारंगी, तो वो भी संक्रमण का कारण नहीं बन सकता है.
* अस्वच्छ पानी से तैयार किए गए बर्फ का उपयोग न करें.
* ऐसे कटे फल और सब्जियों का सेवन न करें, जिन्हें खुला छोड़ दिया गया है. सड़कों पर बिकने वाले गन्ने का रस न पिएं. सड़क किनारे गिलास में पानी पीने से बचें.
* कमरे के तापमान पर 2 घंटे से अधिक समय तक रखा हुआ भोजन न करें.
* सड़कों पर बिकने वाले खीरे, गाजर, तरबूज आदि का सेवन न करें, जब तक कि वो पूर्ण स्वच्छ न हो.
(एजेंसी से इनपुट)

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Tips: इन 6 बातों का रखें ध्‍यान, तो गर्मियों में एक बार भी नहीं पड़ेंगे बीमार…



गर्मी का मौसम अपने साथ कई बीमारियां लेकर आता है. गर्मी और उमस के बीच यह इम्यून सिस्टम को भी प्रभावित करता है. पाचन और त्वचा संबंधी समस्याओं के साथ ही मौसमी फ्लू और संक्रमण का भी इस दौरान खतरा बना रहता है.

ठंडा या गर्म, कैसा दूध पीना सेहत के लिए ज्‍यादा फायदेमंद है?

ऐसे में गर्मी को लेकर पहले से ही तैयारी कर लेनी चाहिए. गर्मी में होने वाली बीमारियों से परहेज करने या लड़ने के लिए स्टेहैप्पी फार्मेसी के प्रबंध निदेशक डॉ. सुजीत पॉल कुछ जरूरी टिप्स साझा किए हैं-

रहें हाइड्रेटेड: यदि आपके शरीर में पर्याप्त पानी है तो आप 90 फीसदी बीमारियों से लड़ सकते हैं. पानी को शरीर के फाइबर द्वारा हमारे कोलोन में खींच लिया जाता है और यह नरम मल बनाने में शरीर की मदद करता है. साथ ही बिना किसी तकलीफ के इसका रास्ता भी आसान हो जाता है.

फाइबर इनटेक: अनाज, सब्जियां, फलियां और फल जैसे फाइबर के बेहतरीन स्रोत वाले खाद्य पदार्थ हमारे पाचन तंत्र को दुरुस्त करते हैं और व्यक्ति कब्ज होने की आशंका से दूर होता है, जो अंतत: फिशर का कारण बनता है.

कम कैफीन: गर्मी में कैफीन का सेवन भी आपके पाचन तंत्र की कार्यप्रणाली को प्रभावित करता है, जो आगे चलकर अल्सर, एसिडिटी और जलन का कारण बनता है.

वर्कआउट: पसीने का निकलना बहुत अच्छा है क्योंकि यह आपके शरीर से गंदगी को निकालने में मदद करता है. साथ ही आपके शरीर को फिट और स्वस्थ रखने में भी सहायक है. हम जितना अधिक शारीरिक तौर पर सक्रिय रहेंगे, हमारे लिए जीवन खुशहाल होगा.

धूप से दूरी: संभव हो तो धूप में तीन घंटे से ज्यादा रहने से परहेज करें और सूती जैसे हल्के कपड़े पहनें.

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नियमित हेल्थ चेकअप: कई बार हम कुछ लक्षणों की गंभीरता को नजरअंदाज करते हुए डॉक्टर के पास जाने से परहेज करते हैं. लेकिन बेहतर होगा कि स्वास्थ्य के मालमों में हम विशेषज्ञ से संपर्क करें. किसी भी तरह की गंभीर समस्या से बचने के लिए नियमित तौर पर हेल्थ चेकअप के लिए जाना चाहिए.

गरमी के मौसम में कई अन्य तरह की समस्या भी हो जाती है, जैसे- जॉन्डिस, टाइफॉयड और फूड प्वायजनिंग आदि. बेहतर होगा कि आप अपने खान- पान की आदतों के साथ धूप में समय बिताने को लेकर सतर्क रहें.

बाहर के खाने से परहेज, मील्स नहीं छोड़ना और बाहरी ड्रिंक एवं अल्कोहल की बजाय स्वास्थ्यकर विकल्पों जैसे छोटे बदलाव बड़ा अंतर ला सकते हैं. ये छोटे लेकिन अनहेल्दी आदतें आपके शरीर को नुकसान पहुंचा सकती हैं.
(एजेंसी से इनपुट)

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मटके का पानी पीएंगे तो कभी नहीं होंगे बीमार, होते हैं ये फायदे…


नई दिल्ली: आपने कई लोगों को ये कहते सुना होगा कि फ्रिज की जगह मटके का पानी पीना चाहिए. कई लोग आज भी अपने घरों में मटका ही यूज करते हैं. पर क्या आप जानते हैं कि आखिर मटके का पानी क्यों लाभदायक होता है.

इसके फायदों के बारे में जानने से पहले ये जान लें कि कई शोधों ने भी मटके के पानी को सेहत के लिए बहुत लाभकारी माना है.

मटके के पानी के फायदे
– इसका तापमान सामान्य से थोड़ा कम होता है जो ठंडक तो देता ही है, मेटाबॉलिज्‍म भी ठीक रखता है.
– इसे पीने से शरीर में टेस्टोस्टेरॉन का स्तर बढ़ता है. यह प्राकृतिक रूप से पानी को फि‍ल्‍टर करता है और गुड मिनरल्स को भी नष्‍ट नहीं होने देता.
– मिट्टी में मौजूद क्षारीय तत्व और पानी के तत्व जब मिलते हैं तो इससे पानी का पीएच लेवल बैलेंस हो जाता है. बेलेंस पीएच लेवल सेहत के लिए फायदेमंद है.
– शरीर से विषैले तत्‍वों को बाहर निकालकर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी मटके का पानी मदद करता है.

तो देर किस बात की है, आप भी मटका ले आएं और उसमें पानी रखें. हां, समय-समय पर मटके की अंदर से सफाई करना बेहद आवश्यक है. इसका ध्यान रखें.



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